बांका, फरवरी 13 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। इन दिनों जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा चल रही है। परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों के चेहरों पर भविष्य को लेकर उत्साह भी है और अनिश्चितता की हल्की चिंता भी। ऐसा इसलिए कि इंटरमीडिएट की परीक्षा केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत होती है। लेकिन क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्रों से आगे की योजना के बारे में पूछा जाता है तो अधिकांश का जवाब लगभग एक जैसा होता है- "सरकारी नौकरी की तैयारी करेंगे।" यह जवाब अब एक सामान्य प्रवृत्ति बन चुकी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में करियर मार्गदर्शन की कमी को साफ दर्शाती है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के सामने विकल्पों की जानकारी सीमित है। परिवार और समाज में प्रचलित धारणा है कि सरकारी नौकरी ही ...