विकासनगर, मई 24 -- देववन जंगल में सालभर में एक बार आयोजित होने वाले अखतीर मेले में परियों से मिलने पवासी महासू शनिवार रात प्रवास पर देववन के मंदिर पहुंचे। गाजे-बाजे के साथ पहुंची देव पालकी की अखतीर यात्रा में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। देववन के मंदिर में दो दिन पूजा-अर्चना के बाद पवासी महासू वापस मूल मंदिर लौटेंगे। देववन में पवासी महासू का प्राचीन मंदिर है। यहां सालभर में एक बार मई और जून माह के बीच में शुभ लग्न में अखतीर का मेला लगता है। मान्यता के अनुसार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने से देववन मंदिर में अखतीर मेले की तैयारी शुरू होती है।
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