अलीगढ़, जनवरी 16 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। ताला-तालीम व तहजीब के शहर की पहचान नुमाइश खुद में एक इतिहास है। 146 साल से यह हिंदू-मुस्लिम भाईचारा का प्रतीक है। नुमाइश में आने वाले परिधान और पकवान किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। नुमाइश प्रदर्शनी को लेकर कश्मीरी, गुजराती और राजस्थानी परिधानों की दुकानें सज गई हैं। वहीं खजला, हलवा पराठा व मुंबई चौपाटी की भेलपुरी के साथ हरियाणा की जलेबी भी दर्शकों को आकर्षित करेगी। ऐतिहासिक अलीगढ़ नुमाइश में इस साल भी कश्मीरी शॉल और परिधानों की धूम रहने वाली है। गत वर्ष से पहले नुमाइश लगने पर कश्मीरी व्यापारियों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं। क्योंकि इस बार मौसम सर्द बना हुआ है। ऐसे में मौसम में गर्म कपड़ों की मांग अधिक रहने वाली है। नुमाइश में वर्षों से दुकान लगाते आ रहे नवाज शरीफ ने बताया कि इस बार वह अन्य क...
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