देहरादून, नवम्बर 19 -- देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में टीबी पर बुधवार को गोष्ठी आयोजित की गई। बीमारी को शुरुआती स्तर पर रोकने और गंभीर मरीजों की विशेष देखभाल को लेकर चर्चा की गई। स्टेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में शुरू किया गया प्रोफाइलेक्सेस ट्रीटमेंट टीबी रोकथाम की दिशा में काफी प्रभावी साबित हो रहा है। जिन लोगों में टीबी का संक्रमण बढ़ने की संभावना होती है, जैसे टीबी मरीजों के स्वजन, स्वास्थ्यकर्मी, बच्चे और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग, उन्हें यह रोकथाम उपचार देने से बीमारी फैलने से पहले ही नियंत्रण में लाई जा सकती है। सीबी नेट और एलपीए जांच शुरुआती स्तर पर बीमारी का पता लगाने और दवा-संवेदनशीलता समझने में अत्यंत उपयोगी हैं। वहीं लेटेंट टीबी की पहचान के लिए साइ-टीबी जांच को महत्वपूर्ण बताया...