फरीदाबाद, जुलाई 9 -- पलवल। धान की पराली अब किसानों और उद्योगों के लिए परेशानी नहीं बल्कि कमाई का साधन बन सकती है। कृषि विभाग की योजना से पराली से जुड़ा उद्योग लगाने वालों को 65 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। मंगलवार को जारी बयान में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने यह जानकारी दी। पराली से रोजगार और पर्यावरण की सुरक्षा एक साथ उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पराली आधारित उद्योग, किसान समूह, सहकारी समितियां और पंचायतें आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत उद्योगों को पराली आधारित इकाइयां लगाने के लिए 15 जुलाई तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन करना होगा। यह योजना उन क्षेत्रों में लागू होगी जहां इकाई 25 किलोमीटर के दायरे में होगी। कृषि विभाग की ओर से 65 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। पहले विकल्प में उद्योग 25 प्रतिशत और एग्रीगे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.