अमरोहा, नवम्बर 9 -- डीसीओ मनोज कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा अपने खेत का समस्त गन्ना आपूर्ति करने के बाद कुछ कृषक खेत में उपलब्ध सूखी पत्तियों/फसल अवशेष व पराली को जलाने का कार्य करते है। ऐसा कृत्य करने वाले किसानों को चिन्हित कर उनकी गन्ना पर्चियों पर रोक लाई जाएगी। डीसीओ ने प्रदूषण के दृष्टिगत किसानों से अपील कि वह अपने खेत का समस्त गन्ना आपूर्ति करने के बाद गन्ने की सूखी पत्तियां न जलाये। गन्ना समितियों में स्थापित फार्म मशीनरी बैंक में उपलब्ध ट्रेस मल्चर से खेत के फसल अवशेष की मल्चिंग कर व रुटर वेटर का प्रयोग कर खेत की जुताई करें। जिससे प्रदूषण में कमी होगी तथा फसल अवशेषों से मृदा संरचना में सुधार होगा। यह भी बताया गया है कि चालू पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना कृषकों को गन्ना पर्चियां केवल एसएमएस के रूप में उनके मोबाइल फोन पर प्रेषित...