कानपुर, फरवरी 11 -- आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, (अटारी), तृतीय कानपुर में बुधवार को अटारी जोधपुर के निदेशक डॉ. जेपी मिश्रा ने भ्रमण किया। कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वागत किया और फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना पर चर्चा की। डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से संचालित फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली जलाने से रोकना तथा उसके कारण होने वाले वायु प्रदूषण को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि फसलों की कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेषों का वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन अपनाकर पराली को खेत में ही उपयोगी बनाया जा सकता है। डॉ. जेपी मिश्रा ने पराली को जलाने के बजाय खेत में मिलाने की तकनीक, बेहतर उपयोग की संभावनाएं, कृषि यंत...