बांदा, जनवरी 27 -- बांदा। संवाददाता पैलानी तहसील के खप्टिहाकलां कस्बे के रपरागंज में आयोजित तीन दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ की रामलीला का आयोजन हुआ। राजा जनक ने सीता स्वयंवर के लिए धनुष तोड़ने की शर्त रखी। मिथिलापुरी में देश देशांतर के राजा, महिपाल इकट्ठे होकर धनुष तोड़े जाने की तमाम कोशिशों के बाद धनुष को नहीं डिगा सके। इसके पश्चात गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। प्रभु श्रीराम ने धनुष भंग करने पर मिथिलापुरी में भगवान परशुराम ने आकर रोष व्यक्त किया। लक्ष्मण और परशुराम का संवाद हुआ। इसे सुनकर रामलीला में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय घोष के जयकारे लगाये। रामलीला में राम का अभिनय प्रबल बाजपेई फतेहपुर, लक्ष्मण की भूमिका में किशन बाजपेई फतेहपुर, परशुराम बाल व्यास कानपुर से अ...