उरई, नवम्बर 8 -- उरई। गीले व सूखे कचरे को निस्तारित कर स्वच्छता लाने के लिए शुरू की गई मुहिम जिले में सार्थक साबित नहीं हो पाई है। अफसरों की बेरुखी का हाल यह है कि कहीं में आरआरसी ( रूरल रिकवरी सेंटर) आधे अधूरे पडे़ हैं तो कहीं पर कूड़ा निस्तारण संसाधनों की कमी बनी हुई है। यही वजह है कि कूड़ा निस्तारण योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। इससे शहर व गांव क्षेत्रों में जगह, जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हालांकि प्रशासन द्वारा उससे निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, पर परिणाम सार्थक नहीं निकल रहे हैं। ------ क्षमता पांच टन की, निकल रहा बहुतायात कूड़ा उरई। शहर के रामकुंड के समीप स्थापित एमआरएफ सेंटर की भी स्थिति ठीक नहीं है। क्षमता पांच टन कूड़ा निस्तारण की हैं, जबकि निकलता बहुतायत मात्रा में है। इससे कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया को रफ्तार नहीं मिल प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.