रिषिकेष, जनवरी 8 -- परमार्थ निकेतन में विदेशी सैलानियों का आना शुरू हो गया है। वह अगले तीन माह भारत की आध्यात्मिक विरासत, सनातन संस्कृति और मानवीय मूल्यों के वैश्विक विस्तार का ज्ञान लेने आ रहे हैं। वह आश्रम में पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त अभियान और सेवा कार्यों में भी भागीदारी करेंगे। विदेशी सैलानी यहां योग, ध्यान, प्राणायाम, वेदांत, आयुर्वेद और भारतीय जीवन-दर्शन को निकट से अनुभव करने आते हैं। अनेक देशों से आए सैलानी यहां के योग शिविरों, सत्संग, गंगा आरती और साधना कार्यक्रमों में भाग लेकर आत्मिक शांति और जीवन के अर्थ की खोज करते हैं। परमार्थ निकेतन उनके लिए केवल एक आश्रम नहीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन की प्रयोगशाला है। विदेशी सैलानी भारतीय संस्कृति को केवल पुस्तकों के माध्यम से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव के रूप में आत्मस...