बागपत, जनवरी 15 -- बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार मंडी धर्म सभा आयोजित की गई। जिसमें मंगल प्रवचन देते हुए जैन आचार्य विमर्श सागर महाराज ने धर्म मार्ग पर चलने की सीख दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। जैन संत ने कहा कि जिसे जो बनने की आकांक्षा होती है, उसे उनकी आराधना सेवा, पूजा, वन्दना अवश्य ही करनी पड़ती है। चाहे वह लौकिक कार्य हो या आध्यात्मिक कार्य हो। इसलिए अर्हन्त बनने के इच्छुक जीव को अर्हन्त की उपासना करना अनिवार्य है। यदि आत्मीय भक्त होगी तो निश्चित ही उपासक स्वयं उपास्य बन जायेगा। अगर सेवक गुणवान होता है तो मालिक प्रसन्न होकर उसे धनवान बना देता है। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि कल आदिनाथ भगवान के निर्वाण महोत्सव पर अचार्य संघ के सानिध्य में भक्तांबर महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। मुकेश जैन, प्रदीप ज...
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