रिषिकेष, नवम्बर 9 -- कथा मर्मज्ञ स्वामी भक्ति प्रसाद त्रिविक्रम महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति तभी फलदायी होती है, जब उसमें सच्चा समर्पण और श्रद्धा हो। भक्ति ही जीवन को परमात्मा के निकट ले जाने का मार्ग है। रविवार को जौलीग्रांट क्षेत्र में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के अंतिम दिन का आयोजन हुआ। कथा वाचक गौड़ीय मठ थानों के त्रिदण्डी स्वामी भक्ति प्रसाद त्रिविक्रम महाराज ने कहा कि श्रीमद भागवत् कथा हमे जीवन जीना सिखाती है। सभी को इस कथा का श्रवण करना चाहिए। यह मनुष्य को इस जीवन में सफल होने, जीवन रूपी नाव को पार लगाने सहित अन्य मार्ग दर्शन करती है। समापन अवसर पर पूर्णाहुति यज्ञ और महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों की बड़ी संख्या ने भाग लिया। कथा स्थल पर पूरे समय भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रह...
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