पीलीभीत, सितम्बर 19 -- पीलीभीत। परमठ मंदिर पर अहिल्या उद्धार, जनकपुरी अवलोकन एवं मीना बाजार की लीला का सजीव मनमोहक मंचन किया गया। गुरु विश्वामित्र आश्रम में राम लक्ष्मण को प्राचीन कथाओं का श्रवण कराते हैं। तभी जनकपुरी से आए दूत मुनि विश्वामित्र को सीता स्वयंवर का निमंत्रण देते हैं। अगले दिन मुनि विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण जनकपुर को प्रस्थान करते हैं। आगे चलते हुए एक निर्जन स्थान पर पहुंचकर मुनि बोले हे रघुकुल नंदन यह तपोभूमि गौतम ऋषि की है उनकी पत्नी अहिल्या शापवश पत्थर की शीला बन गई थी इन्हें अपने चरण रज की धूलि प्रदान करने की कृपा करें। प्रभु के चरणों का स्पर्श पाकर वह तपो मूर्ति अहिल्या अपने वास्तविक रूप में आकर बोली हे करूणानिधान आप ऐसे ही सदैव मुझ पर कृपा बनाए रखें। वर्षों से मैं आपके आने की प्रतीक्षा कर रही थी। इतना कहकर उन्होंन...
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