खगडि़या, जून 2 -- परबत्ता, एक प्रतिनिधि अंग्रेजी हुकूमत मैं भी जिस आयुर्वेद औषधालय नयागांव की तूती बोलती थी। आज वह उद्धारक का इन्तजार में पड़ा हुआ है। इस औषधालय में अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों के लिए मरीज आया करते थे तथा चंगा होकर वे अपने घर को जाया करते थे। लेकिन आज स्थिति यह है कि गत तीन वर्षो सें आयुर्वेद औषधालय नयागांव का ताला तक खोलने वाला नहीं है क यह स्थिति सिर्फ और सिर्फ नयागांव आयुर्वेद औषधालय कि नहीं है अधिकांश औषधालय कि यही स्थिति है क सरकार भले ही आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिये लम्बी लम्बी बाते करते हैं। बड़े-बड़े एडवरटाइज देते हैं, लेकिन इसकी हकीकत देखनी हो तो परबत्ता के आयुर्वेद औषधालय देखकर सहज़ ही अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की स्थिति यह है कि जहां एक ओर आयुर्वेद औषधालय का ताला खोलने के लिये आयुष डॉक्टर तक नहीं ...