गुड़गांव, मई 4 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। नगर निगम गुरुग्राम की मेयर के पति सलाहाकार के पद से हटाए जाने के बाद भी निगम की बैठकों में शामिल हो रहे हैं। जबकि नियमों के अनुसार नगर निगम आंतरिक बैठक में कोई भी निजी व्यक्ति इन बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। नगर निगम अधिकारी भी इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं विपक्ष द्वारा लगातार मेयर के पति को पहले सलाहाकार के पद पर रखने और अब बैठकों पर में हिस्सा लेने को लेकर आपत्ति जताई है। आरोप है कि नगर निगम की बैठकों में अगर मेयर के पति को ही हिस्सा लेना है तो फिर शहर की महिला मेयर होने का क्या फायदा। जब निगम की बैठकों में भी होने वाले फैसले भी मेयर पति को लिए जाने हैं। आरोप है कि नियमों के अनुसार नगर निगम की आंतरिक बैठकों में कोई भी निजी व्यक्ति हिस्सा नहीं ले सकते हैं, लेकिन इसके...
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