रांची, अगस्त 15 -- रांची, संवाददाता। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर पद्मश्री सम्मानित लोकगयक मुकुंद नायक ने भावपूर्ण गीत से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस गीत में उन्होने गुरुजी के संघर्ष, त्याग और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया है। गीत में चार अगस्त 2025 को गुरुजी के निधन की खबर को दिल को भीतर से झकझोर देने वाला बताया गया है। मुकुंद नायक ने उनके बचपन से लेकर अलग राज्य आंदोलन की अगुवाई तक की यात्रा को स्वर दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह गुरुजी ने आदिवासी-मूलवासी की आवाज को बुलंद किया। कवियों और कलाकारों को आंदोलन से जोड़ा और लाठी-डंडे एवं गोलियों के बीच झारखंड की पहचान गढ़ी। गीत, राग-उदासी दुई हजार पच्चीसे, चाइर अगस्ते, ए भाई, गुरुजी के निधन के पाली खबरे, दिल कुहके भितरे, दिल कुहके भितरे ।।1।। जने तने जनमली, कोन...
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