रांची, नवम्बर 2 -- रांची, वरीय संवाददाता। पत्रकारिता हो या कोई अन्य क्षेत्र, यह दौर तकनीक का है। अगर तकनीक में पीछे रहेंगे, तो खत्म हो जाने का डर हमेशा रहेगा। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के समय में, आप तकनीक से भाग नहीं सकते हैं। पत्रकारिता में भी यह बात लागू होती है। यह समय सिर्फ विचारों से बदलाव लाने का नहीं है। विचारों के साथ तकनीक का समन्वय होना चाहिए। यह बातें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहीं। वे लालपुर स्थित एक होटल में द रांची प्रेस क्लब और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट की ओर से आयोजित पहले झारखंड जर्नलिज्म अवॉर्ड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भारत में स्टार्टअप और डिजिटाइजेशन को बढ़ावा मिला है। हालांकि, इस मामले में हम कई देशों से अब भी पीछे हैं। तकनीक के बिना विकास संभव नहीं है। आज आर्टिफ...
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