नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक शख्स द्वारा दायर की गई तलाक की अर्जी खारिज दी है। यह शख्स बेंगलुरु के एक अदालत के फैसले के खिलाफ अपील लेकर HC पहुंचा था। फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि शख्स को पत्नी की बजाय एक "आज्ञाकारी नौकरानी" चाहिए थी। अदालत ने यह भी कहा कि शादी बच्चों का खेल नहीं होता और एक शादी में दोनों पति-पत्नी को सामान्य जीवन जीने के लिए समझौता करना ही पड़ता है। इससे पहले बेंगलुरु की अदालत ने पति की तलाक याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि पत्नी ने साबित किया है कि पति और उसका परिवार महिला की ओर से मन माफिक दहेज ना मिलने की वजह से असंतुष्ट थे। जानकारी के मुताबिक जोड़े की शादी 2015 में हुई थी। हालांकि वे केवल 10 दिन ही साथ रहे।पति की दलील अदालत में अर्जी लगात...