अलीगढ़, जुलाई 17 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अतरौली थाना क्षेत्र में तीन साल पहले घरेलू कलह में पिता की गैर-इरादतन हत्या के मामले में एडीजे 11 पीके जयंत की अदालत ने बेटे को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। इसमें तथ्य के गवाह मुकर गए थे। लेकिन, पुत्रवधू की गवाही के आधार पर अदालत ने उसके पति को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। एडीजीसी तरुण वर्मा ने बताया कि अतरौली क्षेत्र के गांव जखैरा निवासी भजमन नारायण ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 23 अप्रैल 2022 को शाम छह बजे उसके बड़े भाई चंद्रशेखर उर्फ पिंटा ने घरेलू कलह के चलते उसके पिता राम निवास के साथ मारपीट कर दी। धक्का मारकर गिरा दिया, जिससे पिता के मुंह व सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि चंद्रशेखर शराब पीने का आदी था। इसी बात से पिता नाराज रहते थे। जम...
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