विधि संवाददाता, अक्टूबर 7 -- आपने महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ थाने से लेकर अदालतों तक अर्जियां बहुत देखी होंगी लेकिन यह मामला थोड़ा अलग था। यहां पतियों को पत्नियों के उत्पीड़न से बचाने की गुहार लगाई गई थी। पुरुषों के खिलाफ झूठे मुकदमों और उत्पीड़न के अलग-अलग तरीकों का उल्लेख करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुहार लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने पतियों के उत्पीड़न और उन्हें झूठे केसों में फंसाने पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है। सीताराम नाम प्रचार-प्रसार संस्था चंदौली की ओर से चंद्रमा विश्वकर्मा की जनहित याचिका में पत्नियों से पतियों को सुरक्षित रखने की मांग की गई थी। कहा गया था कि बड़ी संख्या में पति अपनी पत्नियों द्वारा प्...
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