मुजफ्फरपुर, मार्च 24 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। संत राधा बल्लभ दास देवाचार्य ने कहा कि पति-पत्नी के बीच परस्पर त्याग और विश्वास को दाम्पत्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। क्लब रोड, धरफरी अपार्टमेंट के पास चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन उन्होंने तृतीय एवं चतुर्थ स्कंद के प्रमुख प्रसंगों को सुनाया। उन्होंने चतुश्लोकी भागवत का अध्यात्मिक भाव एवं दक्ष प्रजापति की पुत्रियों के विवाह और कर्दम व देवहूति की कथा क्रम में आदर्श पति-पत्नी के साथ-साथ विवाह पद्धति के वैज्ञानिक महत्व को बताया। इसके बाद भगवान कपिल के जन्म और कपिल देवहुति संवाद को विस्तार से बताया। कथा के दैनिक विश्राम आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
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