नई दिल्ली, फरवरी 19 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पत्नी-पत्नी के झगड़े अलग रह रहे पति द्वारा छह माह के जुड़वां बच्चों को उनकी मां से अलग किए जाने को 'सबसे बड़ी क्रूरता' बताया। शीर्ष अदालत ने बच्चों को मां से अलग करने के लिए युवक की खिंचाई करते हुए कहा कि बच्चों की भलाई सबसे जरूरी और सर्वोपरि है। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने अलग रह रहे पति-पत्नी को अगली सुनवाई पर बच्चों के साथ जजों के समक्ष चैंबर में पेश होने को निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि 'व्यक्ति ने सिर्फ छह माह के बच्चों को उनकी मां से अलग करके बहुत बड़ी क्रूरता की है। साथ ही कहा कि बच्चों की भलाई सबसे जरूरी और इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है। पीठ ने कहा है कि यह न्याय का मजाक है। छह महीने जितने छोटे बच्चों को उनकी मां से दूर नहीं ...