नई दिल्ली, अगस्त 19 -- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पहली महिला कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़े सवाल उठाए हैं। सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने प्रोफेसर मुजफ्फर उरुज रब्बानी और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर फैजान मुस्तफा की याचिका पर सुनवाई करते हुए गंभीर टिप्पणियां कीं। याचिकाकर्ताओं ने प्रोफेसर खातून की नियुक्ति को वैध ठहराने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने उस आदेश को चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने का मुख्य आधार बताया। उन्होंने दलील देते हुए ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.