गोरखपुर, जनवरी 26 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के चर्म रोग विभाग की टीम ने स्लिपरी लिपोमा (चर्बी की गांठ) के इलाज की नई तकनीक विकसित की है। नई तकनीक में पतली सुई से मार्किंग कर स्लिपरी लिपोमा को लोकेट कर रहे हैं, इसके बाद सर्जरी कर लिपोमा को निकाल रहे हैं। इस नई तकनीक में 21 गेज की स्पाइनल सुई का इस्तेमाल कर लिपोमा को लोकेट किया जा रहा है। इससे सर्जरी बेहद आसान हो गई है। एम्स की इस तकनीक को जर्नल ऑफ क्यूटेनियस एंड एस्थेटिक सर्जरी में प्रकाशित किया गया है। एम्स के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर लिपोमा की सर्जरी के दौरान जल्दी लोकेट नहीं हो पाता है। क्योंकि, शरीर में पनपने वाली चर्बी की गांठ इधर-उधर सरकती रहती है। ऐसे में सर्जरी कर पाना बेहद मुश्किल होता है। इसी सर्जरी को आसान करने के लिए एम्स ने पहली बा...