हिन्दुस्तान ब्यूरो, नवम्बर 13 -- बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने पटना मेट्रो को सस्ती दर पर बिजली देने की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि वह एक दिन में औसतन 16 घंटे तक मेट्रो का परिचालन करेगा। साथ ही कम दूरी होने पर भी वह रेलवे से अधिक किराया की वसूली करेगा। इसलिए पूर्व में तय की गई बिजली दर ही मान्य होगी। पटना मेट्रो की दलील थी कि 24 घंटे मेट्रो का परिचालन नहीं होगा। इसलिए रेलवे की तरह ही पटना मेट्रो को बिजली दिया जाना अनुचित है। लेकिन आयोग ने मेट्रो की इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि रिव्यू पीटिशन का अर्थ टंकण भूल या तथ्यात्मक गलती होती है। आयोग ने जब बिजली दर तय कर दी है तो वही लागू होगा। गौरतलब है कि रेलवे की तर्ज पर ही पटना मेट्रो के लिए बिजली शुल्क तय किया गया है। मेट्रो को 540 रुपए प्रति के...