प्रधान संवाददाता, जनवरी 28 -- पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में डीएनए टेस्ट के लिए नमूने लिये जा रहे हैं। इसके माध्यम से जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए मृतका और संदिग्धों के डीएनए का मिलान किया जाएगा। कुल 40 लोगों में से जिन लोगों का डीएनए मिलान होगा, उन्हें ही आरोपित माना जाएगा। मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जिन लोगों का खून का नमूना लिया गया, उनमें कुछ छात्रा के नजदीकी रिश्तेदार भी शामिल थे। परिजनों का आरोप है कि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी परिवार के सदस्यों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, इसी वजह से रिश्तेदारों का भी डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। परिजनों ने कहा कि शुरू से ही एसआईटी घटना को नया मोड़ देने की कोशिश कर रही थी। शुरुआत में छात्रा की मौत को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुल...