देहरादून, नवम्बर 8 -- पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 साल के सफर में संघर्ष, सेवा और विकास में अद्भुत संतुलन स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग 25 साल बाद भी पहाड़ मैदान की बात कर रहे हैं, उनकी सोच संर्कीण है। क्योंकि बिना हरिद्वार और उधमसिंहनगर के उत्तराखंड की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। डॉ. निशंक ने कहा कि उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष के बाद बना है। हरिद्वार और उधमसिंहनगर इस पर्वतीय राज्य की विवधता को पूरिपर्ण करते हैं। हरिद्वार के बिना देवभूमि हो ही नहीं सकती है। लेकिन आज जो लोग पहाड़-मैदान, गढ़वाल-कुमाऊं, ब्राह्मण-ठाकुर की बात कर रहे हैं, वह इस राज्य के हितैषी नहीं हैं। क्योंकि आज समग्र उत्तराखंड की बात होनी चाहिए। हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड की सीमाएं चीन, तिब्बत और नेपाल से लगती हैं, यहां...