अररिया, नवम्बर 15 -- विधान चुनाव की सरगर्मी में दब गई धान उत्पादक किसानों की पीड़ा पानी से छानकर सड़े हुए धान बाहर निकाल रहे किसान, पर सब बर्बाद मुआवजा की आस में बैठे किसान, फसल की बुआई हो रही प्रभावित भरगामा। निज संवाददाता भरगामा एवं आसपास के इलाकों के खेतों में अभी भी पानी है। खेतों में धान की बालियां अब गल चुकी है, जिससे किसानों में हाय तौबा की स्थिति बनी हुई है। वहीं चुनाव को लेकर किसानों की हालत इतनी खराब हो गए हैं कि अब वह अपनी पीड़ा किसी को बताने लायक नहीं रह गए हैं। नेता जी से लेकर अधिकारी तक चुनाव में लगे थे इसलिए उनकी आवाज नहीं सुनी जा सकी। निराश व हताश कृषक अपनी-अपनी लगे खेतों में चौकी व बेंच रखकर पहले मजदूर से पानी से धान छकवाकर उस पर रखते हैं, पुन: धान से पानी हट जाने के बाद उसे निकाल कर सड़क पर सुखाते हैं। इसके बाद बची हुई धान क...