कुशीनगर, फरवरी 5 -- कुशीनगर। रामकोला कस्बे में ऐसी भी पैथोलॉजी संचालित हो रही हैं, जिनका पंजीकरण के लिए सिर्फ आवेदन हुआ है, लेकिन संचालन बेरोकटोक हो रहा है। इस सबके पीछे उस एक संचालक का हाथ बताया जा रहा है, जो खुद बिना मशीन के पैथालॉजी संचालित करता है और उस पर एमओआईसी का बरदहस्त बताया जा रहा है। रामकोला कस्बे में वर्तमान में विभिन्न नाम से करीब 17 लैब संचालित हो रहे हैं। बताया जाता है कि उनके गुर्गे पूरे दिन सीएचसी का चक्कर काटते रहते हैं। इतना ही नहीं डॉक्टर के कक्ष में भी उनकी मोनोपोली बनी रहती है। डॉक्टरों के बरदहस्त प्राप्त कुछ ऐसे पैथोलॉजी संचालक हैं, जिनकी जांच की बात तो दूर, उनके लैब तक कोई जाने की जहमत नहीं उठता है। शहर के बाहर एक ऐसा लैब भी चल रहा है, जिस लैब में ब्लड टेस्ट करने वाली मशीन तक नहीं है। हद तो तब हो जाती है, जब उसकी ...