लखीसराय, फरवरी 16 -- चानन, निज संवाददाता। भलूई पंचायत के आदिवासी इलाका सतघरवा कोड़ासी की तस्वीर पंचायती राज में भी नहीं बदल सकी है। आज भी यहां के लोगों को कई प्रकार के समस्याओं से जुझना पड़ता है। हर घर नल जल योजना के लाभ से लोग अब भी महरूम है। जलवायु परिवर्तण और तीखी धूप के कारण गर्मी के दिनों में यहां पानी के लिए महिलाओं को काफी जद्दोजहद करना पड़ता है। घर की महिलाएं सर पर टीना, तसला, डैकची लेकर एक किलोमीटर लंबी दूरी तय कर कछुआ के पास से गुजरी पईन से पानी भरकर लाती है, तब जाकर घर का खाना बन पाता है। अगर महिलाएं घर में नहीं रहे तो बच्चों को प्यासा रहना पड़ जायेगा। ग्रामीण चांदो देवी, ममता कुमारी, पूजा देवी, शोभा देवी, बुधनी देवी, रंजु देवी, मीणा देवी, सुमित्रा देवी आदि ने कहा कि करीब ढ़ाई सौ की आबादी पर मात्र एक जीर्ण-शीर्ण कुंआ है, जहां महिलाए...