वाराणसी, अक्टूबर 10 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। व्रत-पर्व-त्योहार की तिथि का भ्रम पंचांग ज्ञान से दूर किया जा सकता है। जन सामान्य पंचांग देखना सीख ले तो आधी समस्या दूर हो जाएगी। शेष आधी समस्या के समाधान का दायित्व पंचांगकारों का होगा। इसका समाधान भी ज्योतिष विद्या की सर्वमान्य एवं प्रामाणिक गणना पद्धति को स्वीकार करने से हो जाएगा। ये बातें ज्योतिर्विद आचार्य संजय उपाध्याय ने कहीं। वह दशाश्वमेध में भूतेश्वरगली स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में गुरुवार से आरंभ हुए पंचांग प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र के मुख्य प्रशिक्षक थे। उन्होंने कहा कि पंचांग ज्योतिष का प्रवेश मार्ग है। यह ग्रह, तारे और त्योहार समय की गणना के लिए मूलभूत ढांचा प्रदान करता है। विगत कुछ दशकों से सनातन धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण पर्वों-त्योहारों की तिथि में अनेक भिन्नता पाई ...
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