नई दिल्ली, फरवरी 17 -- पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली और रक्षात्मक रूप है। यह पांच मुखों वाला रूप शत्रु नाश, भूत-प्रेत बाधा निवारण, ग्रह दोष शांति और सर्वसिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि पंचमुखी हनुमान की पूजा से व्यक्ति को अकाल मृत्यु, तांत्रिक बाधा, आर्थिक संकट और मानसिक भय से मुक्ति मिलती है। यह पूजा विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, अमावस्या और ग्रहण काल में की जाती है। आइए जानते हैं इस पूजा का सही समय, विधि, नियम और लाभ।पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप और महत्व पंचमुखी हनुमान जी के पांच मुख विभिन्न दिशाओं और शक्तियों के प्रतीक हैं:पूर्व मुख (वानर) - बल और विजयदक्षिण मुख (नरसिंह) - शत्रु और भय नाशकपश्चिम मुख (गरुड़) - विष, सर्प और रोग से रक्षाउत्तर मुख (वराह) - संपत...
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