नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पटियाला हाउस कोर्ट ने यौन शोषण मामले में गिरफ्तार चैतन्यानंद सरस्वती की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस द्वारा तैयार जब्ती मेमो की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार की अदालत ने कहा कि जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों की प्रतियां आरोपपत्र दाखिल होने से पहले आरोपी को नहीं दी जा सकतीं। चैतन्यानंद सरस्वती के अधिवक्ता मनीष गांधी ने दलील दी थी कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो जब्ती मेमो की प्रतिलिपि देने से रोकता हो। साथ ही यह आशंका जताई गई कि जब्त दस्तावेजों का उपयोग किसी अन्य मामले में किया जा सकता है। वहीं अतिरिक्त लोक अभियोजक ने इसका विरोध किया और कहा कि यह प्रक्रिया कानून के तहत अनुमत नहीं है, ज...
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