कानपुर, नवम्बर 11 -- बिल्हौर के डोडवा जमौली गांव में दस साल बाद हत्या के मामले में आए फैसले की खबर सुनकर मृतक के परिवार वालों में खुशियां छा गईं। उनकी आंखों में संतुष्टि का भाव दिखा। वहीं, 50 कदम दूर हत्यारोपितों के घर पर ताला बंद होने के साथ पूरी तरह से अंधेरा पड़ा था। 24 मई 2015 को डोडवा जमौली गांव के भगवानदीन कुरील की हत्या होने पर उसके बेटे ने गांव के गंगाराम के बेटों राधेश्याम, रामप्रकाश, रामकिशोर और विनोद कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें रामकिशोर की मौत हो चुकी है। राधेश्याम अपने परिवार के साथ कानपुर में रहता है। रामप्रकाश और विनोद कुमार गांव में परिवार के साथ रहते हैं। इंस्पेक्टर बिल्हौर अशोक कुमार सरोज द्वारा तीनों आरोपित भाइयों को जल्द कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा था। मंगलवार को माती के एडीजे प्रथम कोर्...