नई दिल्ली, जनवरी 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक न्यायिक सुधारों के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सोमवार को इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका पब्लिसिटी के लिए दायर की गई। यह भी कहा कि बाहर लगे कैमरों को संबोधित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को एक प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल न करें। याचिकाकर्ता कमलेश त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट से यह निर्देश देने का अनुरोध किया था कि देश की हर अदालत में किसी भी मामले का निपटारा एक वर्ष की समय-सीमा में किया जाए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सवाल उठाया कि वह ऐसा निर्देश कैसे जारी कर सकती है, जिसमें सभी मामलों का एक वर्ष के भीतर निपटारा अनिवार्य किया जाए। सुनवायी के दौरान त्रिपाठी ने अपनी दलीलें हिंदी में रखने की अनुमति...