नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने शुक्रवार को कहा कि 'उन्होंने न्यायाधीश के पद को कभी भी शक्ति के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्र की सेवा का जरिया माना है। उन्होंने कहा कि 'पहले एक अधिवक्ता के तौर पर, फिर उच्च न्यायालय के जज और फिर शीर्ष अदालत में जज के तौर पर, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि यह ऑफिस शक्ति वाली पोजीशन नहीं है, बल्कि समाज और देश की सेवा करने का मौका है। उन्होंने कहा कित मेरा यह मानना है कि हर पद, देश की सेवा का एक अवसर है और मैंने यही करने की कोशिश की।' सीजेआई गवई ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें विदाई देने के लिए आयोजित सेरेमोनियल बेंच को संबोधित कर रहे थे। अपने आखिरी कार्य दिवस पर सीजेआई गवई ने कहा कि 'कैसे एक अधिवक्ता से न्यायाधीश बनने के उनके सफर ने कानून और न्याय के कभ...