अलीगढ़, दिसम्बर 20 -- अतरौली, संवाददाता। सर्दी के इस कड़कते मौसम में जहां लोग रजाइयों में दुबके हुए हैं, वहीं नौरथा गांव की गोशाला में बेसहारा गो वंश ठिठुरती रातें काटने को मजबूर हैं। शुक्रवार देर रात जब गोशाला का जायजा लिया तो चौकाने वाले हालात सामने आए - न तो वहां कोई चौकीदार मौजूद था, न ही एक भी लाइट जल रही थी। अंधेरे में ठंड से कांपती गो वंश कोने-कोने में दुबके नजर आए। गोशाला परिसर में ठंड से बचने के लिए न तिरपाल, न भूसे की बिछावट और न ही आग तापने की कोई व्यवस्था दिखाई दी। इससे ये पता चलता है जिम्मेदार विभाग की तरफ से न कोई निगरानी होती है और न ही मवेशियों के लिए समुचित इंतजाम किए जाते हैं गोवंश संरक्षण के नाम पर चल रही सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत नौरथा गोशाला जैसे उदाहरणों से उजागर होती है। सवाल यह है कि जब प्रशासन और ग्राम पंचायत ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.