नई दिल्ली, मई 10 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारत के नौजवानों की कुशलता की आज विश्व को आवश्यकता है। 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए नवप्रवर्तन, नए विचार और नव नेतृत्व ही आधार है। उक्त बातें डीयू के श्यामलाल कॉलेज (सांध्य) के 55वें वार्षिक दिवस और पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कही। उन्होंने उस शैक्षणिक परंपरा की सराहना की, जो केवल ज्ञान प्रदान नहीं करती, बल्कि मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर करती है। इस अवसर पर उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आज के युवा ही भारत का भविष्य हैं। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नचिकेता सिंह ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध पहलों, डिजिटल नवाचारों, खेल...
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