चंदौली, मई 12 -- नौगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर और फार्मासिस्ट के गायब रहने से दुर्घटना में घायल और गंभीर रूप से बीमार मरीजों का उपचार न होने से क्षेत्रीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि परिजनों को मजबूरन प्राइवेट झोलाछाप डॉक्टरों से प्राथमिक उपचार कराने को विवश होना पड़ रहा है। अन्यथा मरीज को चकिया, पीडीडीयू नगर, वाराणसी या सोनभद्र के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. अवधेश कुमार सिंह पटेल सप्ताह में मात्र दो या तीन दिन ही कुछ घंटे तक के लिए अस्पताल में रहते है। इसके कारण अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी ड्यूटी से नदारद रहते है। अस्पताल में करीब आधा दर्जन डॉक्टरों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.