मुरादाबाद, जून 6 -- सरकारी सेवा में ज्वाइनिंग करने के बाद जल्द ही नौकरी छोड़ देने के डॉक्टरों के बढ़ते रुझान को देखते हुए प्रदेश में ऐसे सभी डॉक्टरों पर शिकंजा कसा गया है जिन्होंने सरकारी खर्चे पर पीजी की पढ़ाई करके इसे क्वालिफाई किया और फिर विशेषज्ञ चिकित्सक बन गए। ऐसे सभी डॉक्टरों को अब नौकरी छोड़ने की स्थिति में दो करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर सरकार को चुकाने होंगे। पूर्व में यह धनराशि एक करोड़ रुपये निर्धारित थी। वर्तमान में मंडल स्तरीय जिला अस्पताल में कार्यरत चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस नियम के दायरे में आ रहे हैं। सरकारी सेवा में आने के बाद नौकरी छोड़ देने के डॉक्टरों के बढ़ते सिलसिले के बीच इन स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को रोके रखने की मंशा के साथ उनकी विशेषज्ञता की डिग्री को सरकार ने अपने पास रख लिया है और शर्त लगा दी है कि अगर वह सेवा छ...
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