चाईबासा, दिसम्बर 6 -- नोवामुंडी,संवाददाता। नोवामुंडी प्रखंड के गितिकेन्दु गांव में बढ़ते ठंड के साथ मलेरिया बुखार अपना पांव पसार चुका है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जांच और सही इलाज न होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित होती है। इस गांव के सीताराम पुरती 30 वर्ष इलाज के अभाव में गुरुवार दोपहर को मलेरिया बुखार से दम तोड़ दिया है। जबकि गांव में दर्जनों लोग इसके चपेट में हैं। बीमारी से ग्रसित लोगों में प्रीति लागुरी, हेमंत लागुरी, चांदमुनी लागुरी, दीपक लागुरी, शुरू कुई आदि का नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया बुखार से जूझ रहे मरीजों की इलाज के लिये सहिया नानिका लागुरी के भरोसे स्वास्थ्य जांच के लिये मलेरिया किट उपलब्ध करा दिया है। लेकिन, अकेली सहिया से मरीजों को इलाज कर पाना संभव नहीं है। इसे लेकर गांव वाले ओझा-गुनी के चक्कर में पड़कर झा...