पीलीभीत, मई 12 -- पूरनपुर, संवाददाता। प्रशासन की ओर से नोटिस जारी होने के बाद लोगों ने पट्टे की जमीन पर बनाए गए धार्मिक स्थल को खुद तोड़ना शुरु कर दिया है। ग्रामीणों ने बाढ़ में धार्मिक स्थल कट जाने के बाद इसको बनवाया था और यहां इबादत होती थी। हजारा थाना क्षेत्र के गांव नेहरू नगर में सन 1992 में शारदा नदी ने कटान किया था। जिसमें ग्रामीणों के घर व धार्मिक स्थल शारदा नदी में समा गई थी। जिन बाढ पीड़ितों की कृषि भूमि और घर नदी ने कटान किया था। उनको प्रशासन के द्वारा सरकारी जमीन का पट्टा कर रहने व कृषि कार्य करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। इस दौरान बाढ़ पीड़ित जुम्मन और हैदर ने पट्टे की कुछ हिस्सें की जमीन पर मिलकर धार्मिक स्थल का निर्माण कराया था। जबकि प्रशासन ने इसके लिए जमीन नहीं दी थी। पिछले माह प्रशासन ने दोनों बाढ पीड़ित किसानों को नोटिस ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.