नई दिल्ली, दिसम्बर 7 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम के उल्लंघन से जुड़ी एक शिकायत को खारिज करते हुए स्कूल प्रबंधन से जुड़े आरोपी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई समाप्त कर दी है। वर्ष 2013 में लक्ष्मी नगर स्थित बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बायोलॉजी लैब से नेवले के बालों वाले सात ब्रश बरामद हुए थे, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ये ब्रश वर्ष 2002 में खरीदे गए थे, जब नेवला अधिनियम के तहत प्रतिबंधित प्रजाति घोषित नहीं था। अदालत ने माना कि स्कूल ने प्रतिबंधित सामग्री के कब्जे की अनिवार्य घोषणा नहीं की थी, फिर भी आरोपी पर मुकदमा जारी रखने का आधार नहीं बनता। लिहाजा हाईकोर्ट ने लंबित मुकदमा रद्द कर आरोपी को राहत दे दी।

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