प्रयागराज, नवम्बर 16 -- स्वराज विद्यापीठ और समानांतर इलाहाबाद की ओर से विद्यापीठ के परिसर में चल रही दस दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का छठवां दिन 'रंगमंच में नेपथ्य संगीत' विषय पर केंद्रित रहा। शास्त्रीय संगीत विशेषज्ञ डॉ. अयना बोस चटर्जी ने कहा कि नेपथ्य संगीत नाटक की कथा को आगे बढ़ाने, वातावरण रचने और भाव भूमि निर्मित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिससे नाटक को नई दिशा मिलती है। उन्होंने रंगमंच के युवा कलाकारों को विभिन्न रागों, स्वरों, आरोह व अवरोह की उपयोगिता को विस्तार से समझाया तो सत्र के दौरान सा-रे-गा-मा स्वरों का अभ्यास भी कराया। कार्यक्रम की शुरुआत में रंग निर्देशक अनिल रंजन भौमिक ने अकबर इलाहाबादी की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया। कार्यशाला में धीरज कुमार गुप्त, अरूप मित्रा, प्र...