धनबाद, अगस्त 11 -- चासनाला, प्रतिनिधि । नुनुडीह स्थित एके राय स्मृति भवन में सोमवार को खुदीराम बोस की 117वा शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम खुदीराम बोस की मूर्ति पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वही सभा को सम्बोधित करते हुए सबूर गोराई ने कहा कि खुदीराम बोस का जन्म 1889 में हुआ था तथा 11 अगस्त 1908 को अग्रेजी हकूमत द्वारा फांसी दे दी गई थी। 19 वर्ष की उम्र में अग्रेजो के बढ़ते अत्याचार के खिलाफ उन्होंने आदोंलन का बिगुल फूंका और सभी को एकजुट करना शुरू किया। जिसके भय से अंग्रेजी हकूमत ने उनको फांसी पर चढ़ा दिया। आज के युवा जो नशे की ओर बढ़ चले हैं जिससे वह अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। वे खुदीराम बोस की जीवन से प्रेरणा ले। देश को नई दिशा पर ले जाये। मौके पर सबूर गोराई, बिरेन गोराई, आरएन घोष, मोतीलाल गोराई, सोनू ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.