रिषिकेष, नवम्बर 18 -- एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह-2025 की शुरुआत की गई, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों ने बिना चिकित्सीय परामर्श एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते उपयोग पर गहरी चिंता जताई। विशेषज्ञों ने इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि जनता को एंटीबायोटिक के अनावश्यक सेवन से बचने के लिए जागरूक होना आवश्यक है। सप्ताहभर चलने वाले अभियान का शुभारंभ करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि इसका प्रमुख उद्देश्य एंटीमाइक्रोबियल रजिस्टेंस (एएमआर) के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि बेवजह एंटीबायोटिक का सेवन करने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं रह पाती और रोगी को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने जोर ...