धनबाद, अगस्त 30 -- धनबाद, मुख्य संवाददाता धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज हत्याकांड में अभियोजन के गवाह कोर्ट में ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि चश्मदीद गवाह बनाए गए निखिलेश सिंह, अनिल सिंह और राकेश कुमार के पास घटना के दिन मोबाइल नहीं थे। पुलिस ने उनके मोबाइल का सीडीआर भी नहीं दिया। कोर्ट ने इसे अविश्वसनीय माना। कोर्ट ने फैसले में लिखा है कि पुलिस ने शूटर चंदन सिंह उर्फ सतीश और पंकज सिंह के फिंगर प्रिंट के मिलान का दावा किया, लेकिन कुसुम विहार स्थित सिंफर के डिप्टी डायरेक्टर के जिस किराए के मकान के किचन से जब्त बल्ब और ग्लास से उनके फिंगर प्रिंट के मिलान का दावा किया गया, दरअसल साक्ष्य की सूची में वह बल्ब और ग्लास थे ही नहीं। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाशीध दुर्गेशचंद्र अवस्थी ने अपने 592 पन्नों के फैसले...
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