नई दिल्ली, जनवरी 3 -- आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में नींद सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जाने वाली जरूरत बन चुकी है। देर रात मोबाइल चलाना, काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या और लगातार बदलता स्लीप पैटर्न धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करने लगता है। Nutritionist दीपशिखा जैन के अनुसार, नींद की कमी सिर्फ थकान या आलस तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह शरीर में सूजन बढ़ाने, पाचन बिगाड़ने और टाइप 2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा सकती है। जब हम रोजाना 7-8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद नहीं लेते, तो शरीर को रिपेयर और डिटॉक्स होने का पूरा समय नहीं मिल पाता। इसका असर हार्मोन बैलेंस, मेटाबॉलिज्म और इम्यून सिस्टम पर सीधा पड़ता है। कई लोग सुबह उठते ही भारीपन, कब्ज या लो एनर्जी महसूस करते हैं लेकिन इसकी जड़ में अक्सर नींद की कमी छुपी होती है। नींद की क...