शामली, फरवरी 14 -- प्राचीन दयाल आश्रम मे बृह्मलीन सती बाबा। दयाल शाह महाराज, एवं सती बाबा दयाल शाह महाराज की पूण्यतिथि पर आयोजित श्री राम कथा में प्रवचन करते हुए मनोज जी महाराज ने कहा मित्रता में जाति पाती ऊंच नीच नहीं देखा जाता निस्वार्थ भाव से एक दूसरे के प्रति समर्पित होना मित्रता का दिव्य गुण है राम ने सुग्रीव के लिए किया। कथा व्यास ने कहा कि हमें हनुमान जी से शिक्षा लेनी चाहिए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करे ।लक्ष्य विहीन व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं होता। हनुमान जी का लक्ष्य था सीता माता की खोज ओर श्री राम भक्ति प्राप्त करना जो उन्होंने धैर्य के साथ आस्था और विश्वास से प्राप्त की।उन्होंने कहा कि हमें हनुमान जी की भांति अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। हनुमान जी राम जी के परम सेवक है। सेवा का अर्थ है दूसरों के लिए काम करना, उनकी म...