किशनगंज, दिसम्बर 1 -- किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। भवन निर्माण विभाग में गंभीर अनियमितता का मामला उजागर होने के छह महीने बाद भी विभागीय जांच पूरी नहीं हो पाई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसी काम का टेंडर निकालने जैसे गंभीर प्रकरण की जांच अधर में लटकी है। सवाल यह है कि आखिर यह जांच हो भी रही है या फिर 'बीरबल की खिचड़ी' की तरह बस पकती दिख रही है। जून महीने में हिन्दुस्तान की एक्सक्लूसिव खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिये थे। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी न तो जांच रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई। इससे यह चर्चाएँ तेज हैं कि कहीं यह मामला भी पुराने मामलों की तरह लीपापोती का शिकार तो नहीं होने वाला है। गार्ड रूम बना मार्च में, टेंडर दो महीने बाद मई में निकाला जिले के कोषागार परि...